भ्रष्टाचार को रोको
भ्रष्टाचार की आग मे जल रहा देश हमारा,
अब यहा सत्य अहिंसा की बात करना भी गुनाह है हमारा
लोकतंत्र की आड़ मे जो कर रहे है आत्याचार ,
लोकतंत्र की आड़ मे जो कर रहे है आत्याचार ,
कह दो उन से जाकर अब ओर नही सहेगे हम भ्रष्टाचार
जो बगुनाहो और मजबूर जनता पर करती है वार ,
जो बगुनाहो और मजबूर जनता पर करती है वार ,
अब नही चलने देगे हम वो सरकार
वरुण मरवाहा
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